Wednesday, October 3, 2007

भारतीय शेरों के ढ़ेर होने पर इक शेर!

कुछ भी ऐसा नहीं है जिसे आप शब्दों के ज़रिए बयां ना कर सकें। बस लहज़ा ढ़ूंढने भर की ज़रुरत है। 20-20 जीत कर आए भारतीय शेर 50-50 में ढ़ेर हो गए। हालांकि आस्ट्रेलिया के साथ सीरीज़ का पहला मैच बारिश की भेंट चढ़ गया औऱ ड्रा हो गया। नहीं तो अभी तक 2-0 से पीछ होते। दूसरे मैच में भारतीय टीम के ख़राब प्रदर्शन के बाद तहसीन मुनव्वर ने लिखा है...

"दिन जो निकला हो तो फिर रात नहीं होती है
जो भी हो बात, वो बिन बात नहीं होती है।
टीम इंडिया को हमें खुल के बताना होगा
हर एक मैच में बरसात नहीं होती है!"

सुन रहे हो धोनी और युवराज!

2 comments:

Udan Tashtari said...

वाह वाह!! क्या बात कही है तहसीन मुन्नवर साहेब न!! सुन लो भाई युवराज और धोनी.

सुनील डोगरा ज़ालिम said...

बात तो सही है जनाब की।