Wednesday, October 24, 2007

गोवा में समंदर और आसमान के कुछ दिलकश नज़ारे




ये सभी तस्वीरें मोबाईल फोन कैमरे से ली गई हैं। उम्मीद है कि जिन्होने गोवा देखा है उनकी यादें ताज़ा हो गई होगीं और जिन्होने नहीं देखा है उनकी ललक और बढ़ गई होगी।

7 comments:

संजय बेंगाणी said...

ललक बढ़ गई है.

Sanjeet Tripathi said...

वाकई!! ललक बढ़ा दी आपने!!
शुक्रिया,

मतलब कि अभी हाल मे ही आप गोवा हो कर आए हैं?
फ़िर कब लिख रहें है गोवा आने-जाने और गोवा के बारे में।

राजेश कुमार said...

रोमांच को बढाने वाला तस्वीरें हैं।

Udan Tashtari said...

देखा तो था बहुत पहले मगर न जाने क्यूँ ललक फिर भी बढ़ गई. मोबाईल से भी बहुत अच्छी तस्वीरें आ गई हैं.

उमाशंकर सिंह said...

तस्वीर की सराहना के लिए आप सबों का शुक्रिया। बताना चाहूंगा कि जो पहली दो के बाद की जो दो तस्वीरें हैं जिनमें समंदर का पानी गोलाई में दिख रहा है...इन्हें मोबाईल में उतारते वक्त मैंने सिर्फ हाथ की गति का इस्तेमाल किया। कैमरा क्लिक करते समय हाथ को तेज़ी से ऊपर की तरफ खींचा...बिना फ्रेम देखे। मतलब स्टिल फोटोग्राफी के नियम के विपरीत कि कैमरा हिलना नहीं चाहिए... और नतीजा आपके सामने है!

उमाशंकर सिंह said...

...और हां, संजीत भाई ने लिखा है गोवा-अनुभव के बारे में तो वो बड़ा शानदार रहा। अनुभव डिटेल में बांटना चाहता था...लेकिन फिर से बाहर जाना पड़ रहा है। मौक़ा मिलते ही ज़रुर बताउंगा।

Neeraj said...

हालात बयां करने के लिए एक तस्वीर हज़ार शब्दों पर भारी है.. वाकेई.. इन तस्वीरों को देखकर ये दावे से कहा जा सकता है.. बेहतरीन नज़ारों को हमारी पेशे नज़र करने के लिए शुक्रिया...

नीरज