Sunday, August 19, 2007

हाथों का इस्तेमाल कुछ ऐसा भी!

हाथ कई काम आते हैं। अच्छे काम में... कम अच्छे काम में और बुरे काम में भी। किसी को कुछ देने या किसी से कुछ छीनने के काम... हाथ जोड़ने या फिर तोड़ने के काम। हाथ लगाने या खींचने में। सहारा देने या छुड़ाने में। कई बार हमें किसी काम में दूसरों का हाथ नज़र आता है। जैसे भारत में होने वाली हर आतंकी घटना में आईएसआई का हाथ। कहते हैं कि कानून के हाथ लंबे होते हैं फिर दाऊद है जो हमारे हाथ ही नहीं आता। कांग्रेस कहती है कि उसका हाथ ग़रीबों के साथ। परमाणु डील पर अमेरिका से हाथ मिलाने पर लेफ्ट सरकार से हाथ खींचने की बात कर रही है। कोई किसी के हाथ में आकर खिलौना हो जाता है। कहते हैं कि हर सफल मर्द के पीछे एक औरत का हाथ होता है। हाथ हिला पास बुलाया जाता है और दूर रहने का इशारा भी। सहलाया भी जाता है और पीटा भी। सिर पर हाथ रख आगे बढाया जाता है और हटा कर गिराया भी। हाथों के इन परंपरागत इस्तेमाल से अलग कुछ अलग हाथ देखिए।











5 comments:

mamta said...

क्या व्याख्या की है हाथों की और हाथ के दूसरे इस्तेमाल भी पसंद आये।

Manisha said...

ये चित्र मेरे ब्लाग हिंदीबात पर यहां प्रकाशित किये जा चुके हैं। मेरा कोई कोपीराइट नहीं है, कोई भी छाप सकता है।

मनीषा

Sanjeet Tripathi said...

करीब तीन साल पहले देखे थे यह फोटो, फ़ारवर्डेड ई मेल में आया था और तब भी देखते ही मुंह से वाह ही निकला था। क्रिएटिविटी का शानदार उदाहरण!!

Rajesh Roshan said...

अच्छी व्याख्या कि है है हाथो कि

Mired Mirage said...

बहुत बढ़िया ।
घुघूती बासूती