Tuesday, May 5, 2009

पाकिस्तान, तालिबान... अफ़गानिस्तान

आज अफ़गानिस्तान निकल रहा हूं। मक़सद वहां की ज़मीनी हालात को देखना और दिखाना है। एक ऐसे माहौल में जब चारों तरफ तालिबान को लेकर शोर शराबा है... आख़िर उस मुल्क़ में क्या हो रहा है जहां वो (तालिबान) पैदा हुआ, पला-बढ़ा और फिर उसकी विषबेल अपने माली (अमेरिका) को ही लपेटने में जुट गई। अमेरिकी और नाटो फोर्स के दबाव में तालिबान ने अफ़गानिस्तान से लगे पाकिस्तानी इलाक़े का रुख़ तो कर लिया है लेकिन पुरानी ज़मीन से भी उनके पैर पूरी तरह से उखड़े नहीं हैं। कोशिश होगी काबुल की ताज़ा कहानी बताने की।

10 comments:

विनीत कुमार said...

अच्छा कर रहे हैं वहां जाकर. पिक्चर ट्यूब से पैदा की गयी अब तक खबरें कुछ असर नहीं करती। अपना ख्याल रखिएगा।

Udan Tashtari said...

इन्तजार रहेगा. ख्याल रखें अपना.

हिमांशु । Himanshu said...

काबुल की कहानी की प्रतीक्षा में.. ।

RAJNISH PARIHAR said...

ji..intzar rahega..

गिरीन्द्र नाथ झा said...

intazar rahega...aapki report ka.

दिनेशराय द्विवेदी Dineshrai Dwivedi said...

हमारी शुभकामनाएँ आप के साथ हैं।

Anonymous said...

best of luck..apna khayal rakhiyega

likho apna vichar said...

best of luck ,apna khayal rakheyega ,
zarror apna tajurba likhyega is blog par

likho apna vichar said...

best of luck

aditya shukla said...

उमा जी....इस दौरे में आपकी बढी दाढी पसंद आ रही है आपकी खबरों की तरह. अफगानिस्तान की कहानियों को और करीब से जानना चाहेंगे इसलिए अपने ब्लाग के चाहने वालों के लिए कुछ खास लिखना. इंतजार कर रहे हैं सभी....